| Comprehension: | ||
| भारत की एकता और भारत की स्वतन्त्रता एक ही तस्वीर के दो पहलू हैं। अगर एकता खिड़की खोलकर चली गयी, तो स्वतन्त्रता सदर दरवाजा खोल कर भाग जायेगी। इसलिए, सभी भारतवासियों का पहला कर्त्तव्य यह है कि वे प्राणप्रण से अपनी राष्ट्रीय एकता की रक्षा करें। हिन्दुस्तान हिन्दी से कहीं महान् है। वह अपनी समस्त भाषाओं से भी बड़ा और विशाल है। एकता की रक्षा के लिए यदि हमें अपमान सहना पड़े, तो उसे सह लेना चाहिए। एकता की रक्षा के लिए यदि हमें अन्याय सहना पड़े, तो हम अन्याय को भी सहेंगे। यह सब इसलिए सहना है कि भारत की एकता जब पुष्ट और बलवती हो जायेगी, तब हमारा अपमान कोई नहीं करेगा, तब देश का एक भाग किसी दूसरे भाग के साथ अन्याय करना भी भूल जायेगा। | ||
| SubQuestion No : 9 | ||
| Q.9 | पूरे अवतरण का सारांश है कि? | |
| Ans | A. भारत की एकता और स्वतंत्रता एक ही तस्वीर के दो पहलू हैं। | |
| B. हिन्दुस्तान के सभी भाग आपस में समान हैं । | ||
| C. हम प्राणप्रण से देश की राष्ट्रीय एकता की रक्षा करें। | ||
| D. हिन्दुस्तान हिन्दी से बड़ा है। | ||
Correct Ans Provided: A