| Comprehension: | ||
| अब मनुष्य का सारा (1)______ शक्ति – संचय, सफलता और जीत पर चला गया है, आज वह जब अपने (2)______ की ओर चलता है, तब उसे यह देखने की जरूरत (3)______ नहीं होती कि उसके जूतों के नाल किसकी छाती को (4)______ रहे हैं। जब तक मनुष्य के भीतर (5)______का जोर था, वह अपने को सुखी और दूसरे को दुखी देखकर लज्जित होता था। निम्न प्रश्नों के उत्तर उपरोक्त गद्यांश के आधार पर दीजिए। | ||
| SubQuestion No : 25 | ||
| Q.25 | गद्यांश के रिक्त स्थान (5) के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्द होगा- | |
| Ans | 1. भावना | |
| 2. स्वार्थ | ||
| 3. बुद्धि | ||
| 4. प्रतिस्पर्द्धा | ||
Correct Ans Provided: 1