| Comprehension: | ||
| नीचे दिए गये गद्यांश के बाद 5 प्रश्न दिए गये हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें। सत्संग से लौकिक और पारलौकिक दोनों प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं| यदि कोई मनुष्य इस जीवन में दुखी रहता है तो कम से कम कुछ समय के लिए श्रेष्ठ पुरुषों की संगति में वह अपने सांसारिक दुखों का विस्मरण कर देता है| महापुरुषों के उपदेश सदैव सुख शांति प्रदान करते हैं| दुख के समय मनुष्य जिनका स्मरण करके धीरज प्राप्त करता है| सत्संग में लीन रहने वाले मनुष्य को दुखों का भय नहीं रहता है| वह अपने दिल को समझता है, जिससे दुखों का कोई कारण ही शेष नहीं रह जाता| सत्संग के प्रभाव से धैर्य का लाभ होता है जिससे मन में क्षमा की शक्ति स्वयं ही आ जाती है| क्षमा सभी प्रकार के दुर्गुणों का विनाश कर देती है और मन को शांति व संतोष प्रदान करती है| | ||
| SubQuestion No : 18 | ||
| Q.18 | इस अनुच्छेद का कोई उपयुक्त शीर्षक- | |
| Ans | A. योग्य जीव मनुष्य | |
| B. स्वार्थ और परमार्थ | ||
| C. परोपकार ही सच्ची मानवता है | ||
| D. परोपकार के अनेक रूप | ||
| Note: For this question, discrepancy is found in question/answer. So, This question is ignored for all candidates. | ||
Correct Ans: