| Comprehension: | ||
| निम्न गद्यांश के आधार पर प्रश संख्या 1-5 के उत्तर दीजिए। निबंध शब्द अंग्रेजी के ‘Essay’ का हिंदी पर्याय है। जिसका शाब्दिक अर्थ है- किसी विषय पर विचारों को सूत्रबद्ध करना, एकत्र करना, संचित कर संगठित करना आदि। विचार प्रधान रचना ही निबंध का अर्थ वहन करने में सक्षम कही जा सकती है। विषय का तार्किक विश्लेषण, रोचकता, सरसता, पाठकों से आत्मीयता, कलात्मक वैशिष्ट्य निबंध के प्रमुख गुण हैं। निबंध विधा का विकास आधुनिक युग में हुआ है। संस्कृत साहित्य में निबंध बौद्धिक अभिव्यक्ति का माध्यम भर थे । निजी अनुभूति,सहजता, स्वच्छन्दता, प्रभावान्विति जैसे गुणों का इनमें अभाव था। आधुनिक युग का निबंध साहित्य इससे सर्वथा भिन्न है। किसी भी विषय पर व्यक्तिगत विचारों को अभिव्यक्ति प्रदान करते हुए निबंधकार स्वच्छंद चिंतन द्वारा विषय के प्रतिपादन में नवीनता लाता है। किसी भी विषय पर निबंध रचना की जा सकती है। यथा- सुधारात्मक प्रवृत्ति प्रधान, समीक्षात्मक, भाव प्रवण, राष्ट्रीय चेतना प्रधान, मनोविकारों संबंधी। सुगठित कलेवर में श्रृंखलाबद्ध ढंग से विवेचन कर निबंधकार श्रेष्ठ निबंधों की रचना कर सकता है। संस्कृत की इस उक्ति कि- “गद्य कवियों की कसौटी है।” पर आचार्य रामचंद्र शुक्ल का यह कथन- “कि यदि पद्य कवियों की कसौटी तो निबंधकार गद्य की कसौटी है।” निबंध कला का महत्व दर्शाने के लिए पर्याप्त है। | ||
| SubQuestion No : 17 | ||
| Q.17 | निम्नलिखित में से क्या निबंध का प्रमुख गुण नहीं है? | |
| Ans | 1. कलात्मक वैशिष्ट्य | |
| 2. कवि की कलात्मकता | ||
| 3. पाठकों से आत्मीयता | ||
| 4. विषय का तार्किक विश्लेषण | ||
Correct Ans Provided: 2