| Comprehension: | ||
| एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पो में से सही विकल्प चुने। ग्लोबल वार्मिंग की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही है। इस समस्या का कारण मनुष्य ही है। आने वाली पीढ़ी चैन से सांस लेने के बजाय अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष करती नजर आएंगी। इक्कीस ऐसे औद्योगिक देश हैं, जो वायुमंडल में लगभग 80% कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं जिनमें अमेरिका सर्वोपरि है। बढ़ते तापमान का दूरगामी परिणाम हमारे देश की जीवन रेखा कहलाने वाले मॉनसून पर दिखाई पड़ने लगा है। अब पता नहीं चलता कि वर्षा कब आएगी और कितने समय रहेगी। तापमान बढ़ने से हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने की दर तेजी से बढ़ रही है। इससे नदियों में ज्यादा पानी आएगा जो बाढ़ की मुसीबत पैदा करेगा और फिर नदियाँ हमेशा के लिए सूख जाएंगी। गंगा को जीवनदान देने वाला गंगोत्री ग्लेशियर 30 मीटर सालाना की दर से सिकुड़ता जा रहा है। बर्फ पिघलने से स्वाभाविक रूप से समुद्र के जलस्तर में वृद्घि होने लगी है, जिसकी वजह से कई टापुओं और विभिन्न तटीय देशों के डूबने का खतरा बना हुआ है। जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ-साथ समुद्रीय जल का तापमान भी बढ़ता जा रहा है। भौगोलिक परिवर्तन के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग से जैवमंडल भी काफी प्रभावित हो रहा है। न सिर्फ स्थलीय और जलीय जीव जंतुओं मैं बल्कि वनस्पतियों में भी कई परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। | ||
| SubQuestion No : 19 | ||
| Q.19 | बरफ पिघलने पर समुद्र का असर किस प्रकार होगा? | |
| Ans | A. समुद्र के अंदर ज्वार भाटा आ जायेगा। | |
| B. उसका जल स्तर बढ़ेगा और टापू तटीय देश डूब जाएंगे। | ||
| C. समुद्रीय तट पर सभी जीव मर जाएंगे। | ||
| D. समुद्र का पानी ठंडा हो जाएगा। | ||
Correct Ans Provided: B