| Comprehension: | ||
| दी गई जानकारी को पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए। धातुओं के साथ मनुष्य का संबंध प्रागैतिहासिक काल से है, जब प्रारंभ में मनुष्य प्रकृति में मुक्त होने वाली धातुओं जैसे- सोने और तांबे से परिचित हुआ। आज, 118 तत्वों का अस्तित्व ज्ञात है, जिनमें से लगभग 95 धातुएं हैं। किसी तत्व का उपयोग प्रत्यक्ष रूप से उसके गुणों से जुड़ा हुआ होता है। उदाहरण के लिए, सोने और चांदी जैसी धातुओं का उपयोग उनकी चमक के कारण आभूषण बनाने के लिए होता है; लोहे जैसी धातुओं और स्टील जैसी मिश्र धातुओं का उपयोग उनकी उच्च तनन सामर्थ्य के कारण निर्माण सामग्री के रूप में और जलयान एवं ऑटोमोबाइल बनाने के लिए होता है। इसी तरह, अधातुएं, जैसे ऑक्सीजन, जीवन के लिए आवश्यक हैं; सल्फर अपने औषधीय गुणों के लिए अहम है। | ||
| SubQuestion No : 54 | ||
| Q.54 | इलेक्ट्रीशियन द्वारा उपयोग किए जाने वाले पेचकस (स्क्रू ड्राइवर) का हैंडल प्लास्टिक का बना होता है? इसका कारण क्या है? | |
| Ans | 1. प्लास्टिक, ऊष्मा का संचालन नहीं करता है, और इसलिए पेचकस (स्क्रू ड्राइवर) को प्लास्टिक के हैंडल से पकड़ना आसान होता है। | |
| 2. पेचकस (स्क्रू ड्राइवर) धातु से बना होता है, जो विद्युत चालक होता है; प्लास्टिक कुचालक होने के कारण विद्युत झटके से होने वाली किसी भी दुर्घटना को रोकता है। | ||
| 3. प्लास्टिक, पेचकस (स्क्रू ड्राइवर) के स्थायित्व (durability) को बढ़ाता है और इसे रंगीन रूप प्रदान करता है। | ||
| 4. प्लास्टिक बहुत मजबूत होता है और आसानी से नहीं फटता/चटकता है; इसलिए, प्लास्टिक का हैंडल पेचकस (स्क्रू ड्राइवर) के लिए मजबूत पकड़ प्रदान करता है। | ||
Correct Ans Provided: 2