| Comprehension: | ||
| निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर चुनिए- आश्रम में अक्षर ज्ञान के लिए अधिक से अधिक तीन घंटे रखे गए थे। हर एक बालक को उसकी मातृभाषा द्वारा ही शिक्षा देने का आग्रह था। सबको अंग्रेजी भी सिखाई जाती थी। इसके अतिरिक्त गुजरात के हिंदू बालकों को थोड़ा संस्कृत का और सब बालकों को हिंदी का परिचय कराया जाता था। इतिहास, भूगोल और अंकगणित सबको सिखाया जाता था। यही पाठ्यक्रम था।आश्रम के सब बालक मुख्यतः निरक्षर थे और किसी पाठशाला में पढ़े हुए न थे। मैंने सिखाते- सिखाते देखा कि मुझे उन्हें सिखाना तो कम ही है। ज्यादा काम तो उनका आलस छुड़ाने, उनमें स्वयं पढ़ने की रुचि जगाने और उनकी पढ़ाई पर निगरानी रखने का ही है। | ||
| SubQuestion No : 23 | ||
| Q.23 | गद्यांश के लिए उचित शीर्षक है- | |
| Ans | A. अक्षर ज्ञान | |
| B. आश्रम में शिक्षा- दीक्षा | ||
| C. हिंदी का परिचय | ||
| D. पढ़ाई | ||
Correct Ans Provided: B