| Comprehension: | ||
| निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए सवालों का जवाब दीजिए। धर्मराज लाखों वर्षों से असंख्य आदमियों को कर्म और सिफारिश के आधार पर स्वर्ग या नरक में निवास- स्थान ‘अलॉट’ करते आ रहे थे। पर ऐसा कभी नहीं हुआ था।सामने बैठे चित्रगुप्त बार-बार चश्मा पोंछ, बार- बार थूक से पन्ने पलट, रजिस्टर पर रजिस्टर देख रहे थे। गलती पकड़ में ही नहीं आ रही थी। आखिर उन्होंने खीझकर रजिस्टर इतने जोर से बंद किया कि मक्खी चपेट में आ गई। उसे निकालते हुए वे बोले- “महाराज, रिकॉर्ड सब ठीक है। भोलाराम के जीव ने पाँच दिन पहले देह त्यागी और यमदूत के साथ इस लोक के लिए रवाना भी हुआ, पर यहाँ अभी तक नहीं पहुँचा।” | ||
| SubQuestion No : 25 | ||
| Q.25 | स्वर्ग या नरक में निवास-स्थान कौन ‘अलॉट’ करता था? | |
| Ans | A. चित्रगुप्त | |
| B. यमदूत | ||
| C. धर्मराज | ||
| D. आदमी | ||
Correct Ans Provided: C